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21 जनवरी – केजरीवाल ने धरना वापस लिया

21 जवारीकड़ाके की ठण्ड में रात सड़क पर गुजारने के बाद सुबह उठते ही केजरीवाल ने मीडिया के सामने बयान दिया. सुबह धरने पर बैठे लोगो को शौचालय के जाने नहीं दिया जा रहा था, न ही खाने पिने के सामग्री लाने के लिए. साथ ही पुलिस ने बैरीकेड लगा कर धरने पर आ रहे लोगो को रोक रखा था. कुछ लोगो को पुलिस द्वारा पीटा भी गया. इन सबसे गुस्साए अरविन्द केजरीवाल ने आज अपना रुख कड़ा करते हुए कहा की जब दिल्ली की महिलाये सुरक्षित नहीं है तो गृह मंत्री कैसे चैन से सो सकते है. जब जनता रास्ते पर पड़ी है और गृह मंत्री उन्हें परेशान कर रहे है तो ये कैसा गणतंत्र है? उन्होंने चेतावनी दी की यदि उनकी मांग को नहीं माना गया तो राजपथ पर जन सैलाब उमड़ पड़ेगा. दूसरी और गृहमंत्री सुशिल कुमार शिंदे ने साफ किया की हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं होगा. जी न्यूज़ जैसे मीडिया द्वारा केजरीवाल की आलोचना का एजेंडा जारी था. निचे एक विडियो में इस मसले पर जी न्यूज़ का रुख देखे. 200 लोग धरने पर बैठे है जिन्हें हजारो पुलिसवालों ने घेर रखा है और जी न्यूज़ घटना स्थल पर एक शराब की बोतल दिखा कर इसके लिए धरने पर बैठे लोगो को जिम्मेदार बता रहा है.

सुबह के मेट्रो बंद होने के बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक धरना स्थल पर पहुँचने लगी. धरना स्थल के चारो और पुलिस बैरीकेड के बाहर लोग धरने पर बैठ गए. पुलिस ने कई कार्यकर्ताओ पर लाठी चार्ज किया. कुछ कार्यकर्ता जख्मी हो गए और उन्हें अस्पताल भेज दिया गया. NDTV के एक विडियो में (निचे) बताया गया की पुलिस न सिर्फ धरने पर आ रहे लोगो के साथ बल्कि मीडिया कर्मियों के साथ भी बदसलूकी की.

दिल्ली में विदेशी महिला के साथ बलात्कार, एक महिला को जिन्दा जलाने और देहव्यापार और ड्रग्स के व्यापार जैसे गंभीर मसलो पर दिल्ली सरकार के गैर जिम्मेदाराना रुख से परेशान होकर दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इन्हें निलंबित करने की मांग की थी. गृहमंत्री ने उनकी मांग नहीं मानी इसलिए केजरीवाल रेल भवन के सामने धरने पर बैठे है. गौरतलब है की 11 अप्रेल 2013 कुछ प्रदर्शनकारी सुशिल कुमार शिंदे के घर में दाखिल हो पाए इसके लिए 13 पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया था. मंत्री से मिलने के लिए आये प्रदर्शनकारी उनके घर में दाखिल होने में सफल हो गए इसकी सजा तुरंत 13 पुलिसकर्मियों को दी गई. लेकिन दूसरी और एक विदेशी महिला का बलात्कार, एक महिला को जिन्दा जलाना, रिहायशी इलाको में ड्रग्स और देहव्यापार रोकने में असमर्थ पुलिस कर्मियों को निलंबित करवाने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री को धरने पर बैठना पड़ता है.

धरनास्थल पर आज तेज बारिश हो रही थी. इसके बावजूद मुख्यमंत्री समेत सभी लोग धरने पर डंटे रहे. आज धरने के दुसरे दिन भी धटनास्थल के आस पास के 4 मेट्रो स्टेशन बंद रहे.

सोमनाथ भारती ने इस बिच एक विवादास्पत बयान दिया. उन्होंने कहा मैं अरुण जेटली और हरीश साल्वे के मुह पर थूकना चाहता हु. निजी बिजली कंपनियों के CAG ऑडिट की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आज CAG ने बिजली कंपनियों का दौरा किया. शाम होते होते खबर आई की मालवीय नगर के SHO और पहाड़गंज के PCR इंचार्ज को छुट्टी पर भेज दिया गया है. इसके बाद उप राज्यपाल के निवेदन पर केजरीवाल ने अपना धरना वापस ले लिया.

 

https://www.youtube.com/watch?v=_2xCe8v9WSM


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