Beyond Science 

अविष्कार के प्रयास में पहला विफल प्रयोग

शायद उस समय मैं 7 वीं कक्षा में था, 8 वीं में नहीं था ये पक्का याद है। निश्चित उस ज़माने में पढाई का सिलेबस आज के मुकाबले काफी सरल हुआ करता था। लेकिन सिलेबस के अलावा सीखने को बहोत कुछ था जो शायद आजकल कम हो गया है। महाराष्ट्र में गणपति स्थापना और 10 दिन बाद उसका विसर्जन होता है। गली गली में गणपति स्थापना होती है। भगवान की मूर्ति के पीछे एक चक्र अक्सर होता है जो 3 वाल्ट की बैटरी से चलता है। हमारे बचपन में उस…

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Politics 

केजरीवाल के नाम से कांपते है भ्रष्ट – न्यूज़ नेशन का सर्वे

आज कुछ पुराने विडियो देख रहा था. उनमे एक विडियो दिखाई दिया न्यूज़ नेशन का, तारीख थी 30 दिसंबर 2013 और विडियो का टाइटल था Aam Aadmi Party’s Reality Test. पहले तो गुस्सा आया इस मीडिया हाउस पर. २८ दिसंबर को अरविन्द केजरीवाल ने शपथ ली और 30 दिसंबर को रियलिटी टेस्ट?

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विधायक प्रह्लाद गुंजल का गालियों एवं धमकी युक्त ऑडियो

विधायक महोदय का यह ऑडियो बाहर लिक करने वाले डॉक्टर की हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी. लेकिन क्या हम आश्वस्त है की वो डॉक्टर इसके बाद सुरक्षित रहेगा? क्या वो अपनी सरकारी नौकरी जारी रख पायेगा या उसे अब सत्ता धारी दल का रोष झेलना पड़ेगा? क्या हम इस ऑडियो को सुन, विधायक महोदय की इन वाह्यात और घिनौनी बातो पर हंस कर इसे भुला देंगे? सवाल बड़ा है और निश्चित कई और सवाल खड़े करता है?

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Politics 

क्या उसका आम होना ही खास है?

दुबई में एक कार्यक्रम के लिए आयोजको के खर्च पर अरविन्द केजरीवाल ने बिज़नेस क्लास में यात्रा की थी। उस दिन यह खबर कई प्रमुख टीवी चैनल पर न सिर्फ दिखाई गई बल्कि प्राइम टाइम में इस पर पर बहस भी हुई। कोब्रा पोस्ट के इस खुलासे में बिजनेस क्लास नहीं बल्कि निजी विमान (Chartered Plane) के उपयोग का खुलासा है जो उस यात्रा से कई गुना महंगा होता है, एक नहीं सैंकड़ो नाम है, ऐसे नाम जो सत्ता में है या रह चुके है, जिन यात्राओ का खर्च किसने उठाया यह साफ नहीं है, जिसमे चुनाव आयोग के नियमो की अवहेलना का जिक्र है, जिसमे पारिवारिक सदस्यों के ऐशो आराम के लिए जनतांत्रिक पदों के दुरुपयोग का खुलासा है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है की लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ इसपर न कोई प्रश्न पूछता है न बहस कराता है। केजरीवाल में ऐसी क्या खास बात है जो इन नेताओ में नहीं। क्या उसका आम होना ही खास है?

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अंधभक्त आपका सबसे बड़ा शत्रु है

दया आती है हम इंसानो की बुद्धि पर। हम सिर्फ व्यक्तिपूजा कर सकते है। न हममे बुद्धि है ऐसे महान लोगो के विचारो को समझने की और न हिम्मत है इन विचारो को अपनाने की। हम इन महात्माओ के सामने नतमस्तक हो यह मान लेते है की हमने कोई पूण्य का काम कर दिया।

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Beyond Science 

मंगल पर दंगल

मंगल गृह से शुभ संकेत आ गए। वहां हवा पानी इत्यादि जीवन के लिए अनुकूल है। तय किया गया वहां मनुष्यो को बसाएंगे। हज़ारो दीवाने तैयार हो गए हमेशा हमेशा के लिए मंगल पर जा बसने को। योजना थी केवल 5 जोड़े भेजे जाये। आवेदन मंगाए गए, 5 सबसे अनुकूल जोड़ो को मंगल पर बसने के लिए चुना गया। मंगल पर कैसे छिड़ी दंगल पर एक काल्पनिक कहानी।

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बलात्कारी शिव कुमार यादव यदि नेता होता तो?

शिवकुमार यादव, ड्राईवर – दिल्ली में एक बलात्कार का अरोपी।निहाल चंद मेघवाल, केंद्रीय मंत्री- गंगानगर में हुए  सामूहिक का आरोपी। क्या न्याय व्यवस्था दोनों मामलो में समान है?

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Politics 

“आप” से आउट होते नेता

इस आंदोलन से कई तरह के लोग अलग अलग कारणों से जुड़े थे। और समय समय पर कई लोग अपने आप को इससे अलग करते गए। राजनैतिक पार्टी बनने के बाद से चाहे किसी भी कारण से कोई भी छोड़ जाये, पार्टी के कार्यकर्ता हो या मीडिया अधिकतर एक सी प्रतिक्रिया देते है. कार्यकर्ताओ की नजर से छोड़ कर जाने वाला स्वार्थी था जो किसी पद या टिकट की लालच में आया था. मीडिया के लिए यह एक बड़ी खबर बन जाती है – “आप में बड़ी फुट”, “आप में बगावत”, “आप के बड़े फलाना नेता (चाहे उन्हें कोई जानता भी न हो) और केजरीवाल के करीबी ने पार्टी छोड़ी”. “आप” के कार्यकर्ताओ से जनता को बड़ी अपेक्षाए है. इस विषय पर एक सुन्दर सा लेख लिखा है “उम्मीदों की टोपी – इसे पहने नहीं धारण करे”. समय मिले तो पढियेगा. “आप” कार्यकर्ताओ को ऐसी घटनाओ पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए.

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कैसे थमेगा आरक्षण? क्या है “आप” की निति?

आरक्षण एक राजनैतिक हथियार है, समाज को बांटने और वोट बटोरने का. आजादी के 67 वर्षो बाद भी यदि हमारे देश का कोई वर्ग पिछड़ा रहता है तो यह बेहद शर्मिंदगी के बात है. राजनैतिक पार्टियोंको आरक्षण को एक राजनैतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने के बजाय समाज में व्याप्त असमानता की इस बीमारी का जड़ से इलाज करने के बारे में सोचना होगा. वर्तमान में इस तरह की सोच और इच्छाशक्ति केवल आम आदमी पार्टी में नजर आती है.

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