मोदी विरोधी गठबंधन के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम का एक प्रस्ताव

आज फिर एक व्यक्ति देश से बड़ा हो गया है, मोदी हटाओ देश बचाओ के नारे के साथ पुरे विपक्ष को साथ लाने का प्रयास जारी है।  एक दूसरे के धुर विरोधी नेता एक मंच पर आ रहे है, जो कार्यकर्ता सालो से एक दूसरे के खिलाफ लड़ते आये है उन्हें साथ लाने की कोशिश जारी है। कहा जा रहा है की मोदी और अमित शाह की जोड़ी देश के लोकतंत्र के लिए खतरा है और यदि बीजेपी दोबारा सत्ता में आ जाए तो लोकतंत्र को खत्म कर देंगे, देश में तानाशाही आ जाएगी। मतदाताओं का एक बड़ा तबका इस बात से सहमत भी है लेकिन उनके सामने ऐसा कोई विकल्प नहीं है जो तानाशाही, साम्प्रदायिकता, भ्रष्टाचार, परिवारवाद इत्यादि से मुक्त हो। देश की जनता के सामने एक बेहतर विकल्प रखने के लिए कई विपक्षी पार्टिया एक गठबंधन के लिए प्रयासरत है।

अपने मतभेदों को दूर न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत इस गठबंधन को बनाने का प्रयास जारी है। परंपरागत राजनैतिक पार्टियों के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम का अर्थ है एक ऐसा कार्यक्रम जिससे उन सभी के राजनैतिक स्वार्थो की पूर्ति हो, जिससे सभी को सत्ता में अपनी अपनी हैसियत के मुताबिक हिस्सा मिले। विशुद्ध स्वार्थ को आधार रख बनाई गई इस तरह की मिली जुली सरकारे देश में पहले भी कई बार बन चुकी है। जनता के सामने एक मजबूत विकल्प रखने के लिए इस सभी दलों को यह सुनिश्चित करना होगा की एक ऐसा न्यूनतम साझा कार्यक्रम पेश किया जाए जो देशहित में बना हो, जो नेताओ के नहीं बल्कि जनता के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया हो। ऐसा ही एक कार्यक्रम आपके बिच रख रहा हु। इसपर वो सभी सुझाव आमंत्रित है जो देशहित में है, और ऐसे सुझाव तभी आ सकते है जब हम सभी अपने अपने आदर्श नेताओ के भक्ति को परे रख देशभक्ति के भाव से सोचे।

प्रस्तावित न्यूनतम साझा कार्यक्रम 

१) देशहित सर्वोपरी  – हम सब की विचारधाराएं अलग होने के बावजूद अपने पुराने मतभेदों और मनभेदो को भुला कर हम सब देशहित में एक साथ चुनाव लड़ेंगे। ये चुनाव देश को बचाने का चुनाव है।  हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थ को देशहित के आड़े नहीं आने देंगे।  अपनी अपनी पार्टियों और अपने व्यक्तिगत राजनैतिक भविष्य को परवाह किये बगैर अब हर निर्णय केवल देशहित हो ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

२) लोकतंत्र बचाओ – आज देश का लोकतंत्र खतरे में है और हम सब मिलकर जनता के सामने एक ऐसा विकल्प पेश करेंगे जिससे मतदाताओं का विश्वास जीता जा सके की यह नया विकल्प देश के लोकतंत्र और संघीय ढांचे को मजबूत करेगा।

  • वर्ष 1975 में देश पर थोपा गया आपातकाल अवांछित और दुर्भाग्यपूर्ण था।  उसके लिए सार्वजनिक दौर पर देश से माफ़ी मांगी जाएगी।
  • पूर्व सरकारों द्वारा धारा 356 का बार बार दुरुपयोग किया गया उसके लिए देश से सार्वजनिक तौर पर माफ़ी मांग विश्वास दिलाया जाएगा की नयी वैकल्पिक सरकार में यह नहीं होगा।
  • राज्य सरकारों द्वारा, स्थानीय चुनावो में सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर, गुंडागर्दी और बूथ कैप्चरिंग द्वारा चुनावो का मजाक उड़ाया गया उसके लिए सार्वजनिक तौर पर जनता से माफ़ी मांगी जायेगी। 

३) संस्थानों की स्वायत्ता – नई वैकल्पिक सरकार बनने के बाद संस्थानों की विभिन्न संस्थानों की पूर्ण स्वायत्ता सुनिश्चित की जायेगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा की सीबीआई, सीवीसी, सीएजी जैसे संस्थानों में अधिकारियो के चयन, निष्काशन, बदली इत्यादि सरकारी दखल अंदाजी से पूर्णतः मुक्त हो।

४) सांप्रदायिक सद्भाव –  आजादी के बाद देश में हुए सभी सांप्रदायिक दंगो से जुड़े न्यायालयों में लंबित मामलों का निबटारा फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा कर सभी दोषियों को एक साल के अंदर सजा दिलाई जाएगी। देश का सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के कोशिश करने वाले राजनेताओ से निबटने के लिए कड़ा कानून बनाया जाएगा।

५) भ्रष्टाचार – भ्रष्टाचार आरोपों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को चाहे वो किसी भी पार्टी का हो, गठबंधन का उम्मीदवार नहीं बनाया जायेगा। नेताओ से जुड़े भ्रष्टाचार के लंबित मामलो को फ़ास्ट ट्रैक अदालत में निबटाने के लिए संसद द्वारा उचित कानून बनाया जाएगा। पूर्णतः स्वायत्त लोकपाल जैसी संस्था का तुरंत गठन किया जायेगा।

६) राजनीति का अपराधीकरण – संगीन आपराधिक मामलो में लिप्त किसी भी नेता को गठबंधन का उम्मीदवार नहीं बनाया जायेगा। ऐसे मामलों में लिप्त नेताओ के खिलाफ लंबित मामलो का निबटारा फ़ास्ट ट्रैक अदालत में कराने के लिए उचित कानून संसद द्वारा तुरंत बनाया जाएगा।

७) चुनाव प्रक्रिया में सुधार – धनबल और बाहुबल का उपयोग रोकने के लिए चुनाव प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा।

८) वंशवाद – किसी भी परिवार के एक से अधिक सदस्यों को गठबंधन का उम्मीदवार नहीं बनाया जाएगा।

९) गरीबी, बेरोजगारी और किसानो की समस्याओ से निबटने के लिए एक रोड मैप तैयार कर उसे चुनावी घोषणापत्र के द्वारा जनता के बिच रखा जाएगा।

१०) गठबंधन के प्रत्याषी – गठबंधन द्वारा सम्मिलित रूप से जनता के सामने रखे गए विकल्प में सभी प्रत्याषी उपरोक्त मापदंडो पर खरे उतरे यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विचारधाराओ से जुड़े गैर राजनैतिक प्रतिष्ठित नागरिको की एक समिति बनाई जायेगी। गठबंधन के प्रस्तावित प्रत्याशिओं की सूची एक समिति को दी जायेगी और प्रत्याषी चयन में इस समिति का निर्णय गठबंधन के सभी सदस्यों को मान्य होगा।

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