14 फ़रवरी 2014 – केजरीवाल ने इस्तीफा दिया
कांग्रेस से विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा की आम आदमी पार्टी यदि जन लोकपाल बिल को संवैधानिक तरीके से लायेगी तो ही हम उनका समर्थन करेंगे. इसका अर्थ साफ था की आज हम जनलोकपाल बिल का समर्थन नहीं करेंगे.
केजरीवाल ने कहा की संविधान हमें जन लोकपाल बिल पास करने से नहीं रोकता. हम इस मुद्दे को फिर सड़क पर उठाएंगे. हम यह सरकार बचने नहीं, देश बचाने आये है.
विधान सभा में कांग्रेस और बीजेपी विधायको द्वारा किये हंगामे के बिच केजरीवाल ने जनलोकपाल बिल पेश किया. भारी विरोध के कारण विधान सभा अध्यक्ष को बिल के पेश होने पर मत विभाजन करना पड़ा.
मत विभाजन में कांग्रेस और बीजेपी के विधायको ने जन लोकपाल बिल पेश करने के विरोध में मतदान किया। बिल विधान सभा में पेश नहीं हो पाया। जनलोकपाल बिल पास न करा पाने की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया।
केजरीवाल के इस्तीफे की खबर सुनते ही पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ताओ का जमावड़ा लग गया. विधान सभा में जनलोकपाल बिल पास न करा पाने के बाद केजरीवाल पार्टी के कार्यालय गए और वहा कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए उन्हें अपने इस्तीफे की जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘हमारा सबसे बड़ा मुद्दा था कि जनलोकपाल बिल पास कराना है। कांग्रेस ने लिखकर दिया था कि हम जनलोकपाल बिल का समर्थन करेंगे। लेकिन, जब हमने पास कराना चाहा तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों मिल गए। इसलिए हमारी सरकार इस्तीफा देती है।’
इस्तीफा देने के कई दिनों बाद केजरीवाल ने सार्वजनिक तौर पर यह माना की इस्तीफा देने से पहले मुझे जनता से पूछना चाहिए था. जनता से पूछे बगैर इस्तीफा देकर मैंने गलती की. केजरीवाल भले भूल गए हो लेकिन मीडिया ने जनता की राय ली थी और जनता केजरीवाल के इस फैसले पर भी केजरीवाल के साथ दिखी.
Arvind Kejriwal’s Resignation and reasons behind have been widely discussed. He resigned on 14th Feb 2014 taking moral responsibility being unable to pass Janlokpal Bill, one of the key poll promises.
https://www.youtube.com/watch?v=zKZLOvJtu5I
https://www.youtube.com/watch?v=gl_wzmgsS9Y