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Politics 

18 जनवरी – खिरकी एक्सटेंशन की सच्चाई

somnathमालवीय नागर विधासभा क्षेत्र के खिरकी एक्सटेंशन इलाके में बड़ी संख्या में विदेशी मूल के लोग रहते है. इनमे से कुछ जिश्म्फरोशी और ड्रग्स जैसे कार्यो में लिप्त है. देर रात नशे में धुत लोगो के बिच मारपीट उस इलाके में एक आम बात थी. वहा के स्थानीय लोगो ने इस विषय में पुलिस से कई बार शिकायत की लेकिन कारवाही कभी नहीं हुई. लोगो ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक भी इस समस्या के लिए कई बार गुहार लगाईं लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ. इस बार जब वो अपने विधायक सोमनाथ भारती के पास पहुंचे तो उन्होंने तुरंत समस्या की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस को घटनास्थल पर बुलाया. पुलिस पहुँच तो गई लेकिन हाथ पर हाथ थामे बैठी रही. स्थानीय लोग पुलिस को वो कमरे दिखाते रहे जहा पर ड्रग्स रंगे हाथो पकड़ी जा सकती है लेकिन पुलिस वह रेड डालने से मना करती रही.

इसके बाद इस मुद्दे को मीडिया ने भी खूब उछाला और कांग्रेस बीजेपी नेताओ ने भी. बार बार यही जताया जाता रहा की सोमनाथ भारती ने पुलिस की कारवाही में अवरोध किया, महिलाओ के साथ बदसलूकी की, रेसिस्ट बयान दिए. कांग्रेस बीजेपी ने तो इस मुद्दे पर सोमनाथ भारती का इस्तीफा तक मांग लिया. कई बुध्हिजिवी और मानवाधिकार के हिमायती लोग इस मुद्दे पर सोमनाथ भारती की आलोचना आज भी करते है. इस मुद्दे पर खिरकी एक्सटेंशन से बाहर रहने वाले नेता हो, बुध्हिजिवी हो या मीडिया सबकी राय में सोमनाथ भारती का तरीका गलत था. जबकि वहा के स्थानीय लोग पूरी तरह से भारती के साथ है. स्थानीय लोगो के मुताबिक उन्होंने पहले ऐसा कोई नेता नहीं देखा जिसने आम आदमी की समस्याओ को इतनी गंभीरता से लिया हो. भारती के खिलाफ शिकायते दर्ज हुई, मुकदमे लगे बयानबाजी हुई. लग रहा है मानो जिश्म्फरोशी, ड्रग्स का धंदा और गुंडागर्दी करने वालो से बड़ा गुनाहगार भारती है.

यह हमारे देश का दुर्भाग्य है की हमारे यहाँ मानवाधिकार के हिमायती केवल तभी खड़े होते जब कोई आतंकी पकड़ा जाये या किसी अपराधी के खिलाफ कोई कारवाही हो. मैंने कभी ऐसे बुध्हिजिवी को उनके मानवाधिकार के लिए लड़ते नहीं देखा जो रात को भूखे पेट सोने को मजबूर है, जो कड़ाके की ठण्ड में रास्ते पर सोने को मजबूर है, जो पुलिस, नेताओ द्वारा उत्पीडित है. खैर किसके अधिकारों के लिए लड़ा जाए इसका निर्णय वो अपने विवेक से करे. लेकिन केवल राजनैतिक लाभ के लिए भारती पर झूटे आरोप लगाने के बजाय कांग्रेस बीजेपी के नेताओ को अपने नागरिको की समस्या सुलझाने में योगदान करना चाहिए था. मीडिया ने भी अपनी भूमिका बखूबी निभाई – कई मीडिया चैनल पर मैंने भारती को गुस्से से पुलिस अधिकारी को कहते सुना की आप DCP फोन लगाइए. ऐसे विडियो दिखा कर मीडिया ने सनसनी बहोत फैलाई लेकिन इससे पहले के 3 मिनट का विडियो छुपाकर. सच्चाई दिखाना मीडिया की जिम्मेदारी है या सच्चाई छुपाकर सनसनी फैलाना ये वो तय करे. इस लेख को लिखने के लिए अध्ययन करते वक्त मुझे एक विडियो मिला जिसमे भारती कई बार पुलिस के सामने गिडगिडाते दिखे की आप DCP फोन लगाइए. निचे कुछ विडियो है जिसमे खिरकी एक्सटेंशन में चल रहे इस तरह की सभी कार्य कैमरे पर कैद है. साथ ही कुछ वीडियोज है जिसमे स्थानीय लोगो की इस विषय पर राय शामिल है. इस मसले खिरकी एक्सटेंशन में रहने वाला हर स्थानीय व्यक्ति सोमनाथ भारती के साथ दिखाई दिया.

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