You are here
Andolan Politics 

What makes the #AAPKaStrongLokpal weakest ever in the history?






Neither a bill nor an institution can become strong just by calling it strong. Its only when you have surrendered all your wisdom to someone that their voice becomes your voice. I would never advice you to surrender your wisdom to me, but put up a few arguments in support of my claim. Today, one of the strongest governments in Indian history, the AAP government in Delhi has passed one of the weakest Lokpal bills ever proposed. Ironically AAP is the party born out Jan Lokpal Movement, that has brought the…






Read More

क्या आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए?






विज्ञान अब तक इतनी प्रगति नहीं कर पाया की हम अपने माता पिता चुन सके. मेरा जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ जिसे सवर्ण माना जाता है. छात्र जीवन में जब मेडिकल या मनचाहे इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश मिलने में दिक्कते आई तब आरक्षण से कोफ़्त हुई, खुद को बहोत कोसा भी की मैं क्यों ऐसे परिवार में पैदा हुआ. लेकिन बढ़ती उम्र के साथ परिपक्वता आई, ये समझ आने लगा की हमारे समाज बहोत बड़ी विषमता है, आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग उन संसाधनों से वंचित है…






Read More

दिल्ली में छात्र चुनाव – “आप” के लिए सुनहरा अवसर






सितम्बर माह में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र चुनाव होंगे और खबरे आ रही है की आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई CYSS इन चुनावो में हिस्सा लेगी. “आप” और देश के लिए यह एक सुनहरा अवसर है चुनाव सुधार की प्रक्रिया को आरंभ करने का. छात्र देश का भविष्य है, छात्र चुनाव में सुचिता स्थापित कर साफ सुथरी राजनीति की और अग्रसर एक नयी पीढ़ी तैयार हो सकती है. छात्र जीवन में साफ सुथरी राजनीति का अनुभव लेकर बाहर निकलने वाली पीढ़ी से निश्चित उम्मीद रखी जा सकती है की…






Read More

300 दामिनियो पर इतनी ख़ामोशी क्यों?






मेरा बचपन भी एक साधारण परिवार में गुजरा है लेकिन जिस तबके की ये कहानी है उसमे पले बढे शायद ही कोई हो जिन तक मेरा यह ब्लॉग पहुंचे. मेरा दावा है की जिनकी मानवीय संवेदनाये अब तक जिन्दा है ऐसे लोग इस कहानी को पढ़ने के बाद शायद ही सहज महसूस कर पाए. कोबरापोस्ट नामक एक वेबसाइट ने कुछ दिनों पहले दिल्ली में प्रेस वार्ता कर एक बड़ा खुलासा करने का दावा किया. मुझे यह जानकारी ट्विटर पर पता लगी. रात को टीवी के सभी चैनल पलट कर देख…






Read More
Politics 

आजाद भारत. और युवा?






जिस दिन इस देश का युवा सही मायनो में आजाद हो जायेगा, देश को बदलते समय नहीं लगेगा। जरुरी है की हम आजादी के सही मायनो को समझे। कही अनजाने में हम अपने देश को गुलामी की और तो नहीं धकेल रहे?











Read More

याकूब की फांसी – बहस के कुछ पहलू






आज तड़के 7 बजे मुंबई में धमाको के दोषी याकूब मेनन को फांसी दे दी गई. फांसी देने से महज कुछ घंटो पहले तक देशभर में इस फांसी को लेकर बहस चलती रही, यहाँ तक की माननीय सर्वोच्च न्यायालय में भी सुनवाई जारी रही. अंतिम फैसला फांसी के हक़ में रहा लेकिन इस फैसले से पहले कई बार न्यायालयों में इस मुद्दे पर बहस हुई, दया याचिकाओ पर विचार किया गया. 22 सालो से चल रही इस जिरह में वो सभी तर्क सामने रखे गए जो इस फांसी के पक्ष…






Read More
Politics 

पुरे देश को जोड़ गए कलाम साहब






कल शाम अचानक खबर आई की कलाम साहब नहीं रहे और मानो पुरे देश में मातम सा छा गया. कल ही कई वर्षो बाद पंजाब में एक आतंकी हमला भी हुआ जिसमे कई मासूमो ने अपनी जान गवाई लेकिन ये सदमा उससे भी बड़ा था. सोशल मीडिया हो या मीडिया हर जगह सिर्फ कलाम साहब की ही चर्चा थी. कोई जाती, कोई धर्म, कोई पार्टी इससे अछूती नहीं रही. पूरा देश मानो एक साथ मातम मना रहा हो. हर संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने वाले नेताओ ने कोई बेहूदा बयान…






Read More